लैब्राडोर को ट्रेनिंग कैसे दे। How to train labrador Puppy in hindi

How to train Labrador dog Hindi

कुत्ते मनुष्य के एक सच्चे और वफादार साथी के रूप मै जाने जाते है पालतू जानवरों की श्रेणी मैं कुत्ते सबसे बुद्धिमान और समझदार होते है।

बात करे भारत की तो यहां लोग लेब्राडोर नस्ल पालना काफी पसंद करते है लेब्राडोर भारत मैं एक जानी मानी और लोकप्रिय नस्ल है।

लेब्राडोर डॉग को पालने के बाद यह बेहद आवश्यक है की आप उसे अच्छे देखभाल और भोजन के साथ साथ जरूरी ट्रेनिंग भी दे। तथा इस लेख मैं हम जानेंगे की घर पर ही स्मार्ट और आसान तरीके से लैब्राडोर को ट्रेनिंग कैसे दे।


लैब्राडोर को ट्रेनिंग कैसे दे।How to train Labrador dog Hindi

जब भी हम एक नन्हे लेब्राडोर पालते है तो एक अच्छे डॉग ओनर होने के नाते हमारी यह जिम्मेदारी बनती है की उसे एक अच्छी परवरिश और ट्रेनिग दे लेकिन जब हम ट्रेनिंग के बारे सोचते है तो हमारे मन मैं यह बात आती है की लैब्राडोर पिल्ला को कैसे प्रशिक्षित करें

जिसे ध्यान मैं रखते हुए हमने कुछ आसान और सरल तरीको को अपनाया है जिसकी सहायता से आप लेब्राडोर को ट्रेनिंग दे सकते हैं।

1.ट्रेनिंग की तैयारी। labrador dog training tips in hindi

अपने लेब्राडोर पिल्ले की ट्रेनिंग शुरू करने से पहले आपको उन्हे ट्रेनिंग के लिए तैयार करने की आवश्यकता होती है ताकि जब आप उन्हें ट्रेनिंग की कमांड दे तो वह आपकी बात को सुने और प्रतिक्रिया दे।

टिप #1 

ट्रेनिंग की तैयारी के लिए आपको लेब्राडोर का ध्यान आपकी और केंद्रित करने की जरूरत होती है ।जिसके लिए आपको लेब्राडोर को उसके नाम से पुकारने की आवश्यकता होगी या इसके स्थान पर आप ट्रेनिग क्लिकर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

हो सकता है शुरुवाती दिनो आपकी बात न सुने क्योंकि आपने अभी अभी उसका नया नाम रखा होगा।

टिप#2

कुछ प्रायसो के बात यह आपकी पुकार सुनेगा और प्रतिक्रिया देगा इसे बरकरार रखने के लिए आपको इसे कुछ समय तक इनाम के रूप मै कुछ खाने की चीज प्रदान करनी होगी ताकि यह आदत बनी रहे।


2.समाजिकरण

समाजीकरण एक महत्त्वपूर्ण चरण होता है लेब्राडोर के लिए यदि आप लेब्राडोर का समाजीकरण पूर्ण रूप से नहीं करते है तो यह बाहरी दुनिया के तौर तरीको और लोगो से अनजान रहते है।

यदि छोटे उम्र से ही समाजीकरण करना शुरू नही करते हैं तो यह बाहरी दुनिया के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं।

टिप#1

लेब्राडोर का समाजीकरण करने के लिए आपको इसे घर के बाहर ले जाना होगा लेकिन ध्यान रहे की यदि आपका लेब्राडोर पप्पी छोटा है तो उसे आप जरूरी टिके लगवाने के बाद ही घर के बाहर ले कर जाए।

टिप#2

जब आप लेब्राडोर को बाहर लेकर जायेगे तो हमेशा बांध कर ही ले जाए हो सकता है यह उत्साहित होकर पहली पहली बार यहां वहा भागे तब आपको इसके पीछे नही भागना हैं आपको इसे कंट्रोल करना है और इसका नाम पुकार कर रुकने को कहना है।

टिप #3

लेब्राडोर अन्य दूसरे कुत्तों या जानवरों एवं वाहनों को देखकर डर सकते है या फिर आक्रामक हो सकते ऐसी स्थिति मैं आपको लेब्राडोर को संभालने की आवश्यकता होगी यदि वह डरा हुआ है तो उसे उसका नाम लेकर पीट पर हाथ सहलाकर उसे सामान्य करने की कोशिश कीजिए।

ओर यदि वह एग्रेसिव है तो उसका नाम पुकार कर उसे शांत करने की जरूरत होती है इसके साथ साथ ऐसी स्थिति मैं आप कैसा व्यवहार करते हैं यह भी काफी मायने रखता है क्योंकि आप जैसा व्यवहार करते है लेब्राडोर भी वैसी ही प्रतिक्रिया करते है।

जैसा कि अगर आप अन्य कुत्तों और जानवरों को देख कर आक्रामक रवैया अपनाते है तो आपका लेब्राडोर भी उसी हिसाब से व्यवहार प्रदर्शित करेगा। तो यह ध्यान मैं रखे की लैब्राडोर का समाजीकरण करते समय आपकी सोच और व्यवहार सकारात्मक हो ।


3.लेब्राडोर को उठना बैठना शैक हैंड करना सिखाएं।

लेब्राडोर का सही तरीक़े ओर व्यवहारिक रूप से उठना बैठना एक अच्छे प्रशिक्षण को दर्शाता हैं लेब्राडोर को उठना और शेक हैंड करना सीखना आम बात होने के साथ ही साथ एक चुनौती पूर्ण कार्य भी हैं।

क्योंकि लेब्राडोर को सही तरीके से उठना बैठना सिखाने के लिए आपको इसे निरंतर प्रशिक्षण देने की आवश्यकता होती हैं।


4.लेब्राडोर को बैठना कैसे सिखाए

लेब्राडोर को सही ढंग से बैठना सिखाने के लिए पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा की लेब्राडोर पिल्ला आपकी पुकार पर प्रतिक्रिया जाहिर करे यह संकेत है की वह ट्रेनिंग के लिए तैयार हैं।

लेब्राडोर को बैठना सिखाने सबसे पहले आपको इसे पुरस्कार के रूप मै देने के लिए ट्रीट ( डॉग बिस्कुट) की आवश्यकता पड़ेगी सर्वप्रथम इसे एक खुले हुए स्थान पर लेकर जाए तथा इसके बाद उसका नाम पुकार कर उसे बैठने का आदेश दे। 

और यदि पिल्ला ट्रीट देख कर आपकी और आता है तो आपको ट्रीट उसके नाक के पास लेकर जाना है और उसे बैठाने की कोशिश करनी हैं। ओर जब यह बैठ जाता है तब आपको यह ट्रीट आपको देना हैं। यह प्रक्रिया आपको बार बार दोहरानी हैं।

कुछ समय लग सकता लेब्राडोर को बैठना सिखाने के लिए लेकिन कुछ दिनों तक बताए गए तरीके की मदद से आपका लेब्राडोर आपके आदेश पर बैठने लगेगा। 


5.लेब्राडोर को उठना कैसे सिखाए।

एक डॉग ओनर होने के नाते वह समय बहुत गौरव पूर्ण होता हैं जब आपका लेब्राडोर पिल्ला आपके द्वारा दी गई बैठने की आज्ञा का पालन करता हैं और उसे यह सिखाने के लिए बस आपको बस थोड़े समय देने और कुछ प्रयासों की आवश्यकता होती हैं।

लेब्राडोर को आपके आदेश अनुसार उठना सिखाने के लिए शुरुवाती दिनो मैं कुछ पुरस्कार यानी लालच देने की अवश्यकता पड़ेगी तो सर्वप्रथम आपको यह करना है की लेब्राडोर जब बैठा हुआ हो तो उसके पास जाइए और उसका नाम ले कर उठने के लिए बोलना है।

कुछ इस प्रकार : ब्रूनो स्टैंड अप या फिर ब्रूनो खड़े हो जाओ आप जिस भी भाषा का इस्तेमाल करना चाहते उस भाषा मैं उसे निर्देश दीजिए।

हो सकता पहले कुछ दिनों आपको मेहनत करनी पड़ेगी जब आप लेब्राडोर को उठने का निर्देश देते है और वह आपकी बात मान लेता है तो आपको इसे पुरस्कार यानी की ट्रीट (डॉग बिस्कुट) देना है इसके साथ इसे सबाशी देना हैं और गुड बॉय/ गर्ल साबास बेटा कहकर उत्साहित भी करना हैं। 

कुछ दिनों तक यह तरीका अपनाने के बाद यह आपका आदेश मानने लगेगा तब आपको इसे पुरस्कार देना धीरे धीरे बंद करना होगा।

ध्यान रहे: की जब आप उन्हें उठने का निर्देश दे रहे हो इन्हे तो एक सकारात्मक और प्यार भरे तरीके का इस्तेमाल करे। इससे यह आपसे डरेंगे नही और जल्दी सीखेगे।


6.शेक हैंड करना सिखाएं।

शेक हैंड करना सिखाने के लिए भी आपको इसे पुरस्कार का ही लालच देना होगा सबसे पहले आप लेब्राडोर के नजदीक जाइए और इसे शेक हैंड करने के लिए कहिए और जब यह आपकी बात मान लेता है और शेक हैंड करता है तो इसे उपहार के रूप मै ट्रीट बिस्कुट दे दीजिए।

शेक हैंड करते वक्त यह ध्यान रहे की यह मुंह से आपका हाथ न पकड़े और यदि यह ऐसा करता है तो आपको इसे डांटने की आवश्यकता है।

जब यह पूर्ण रूप से अच्छी तरह शेक हैंड करने लगे तो आपको इसे उपहार देने की कोई आवश्यकता नहीं है यह स्वयं ही आपकी बात बिना किसी लालच के मानने लगेगा।


7.लेब्राडोर को कैसे नियंत्रित करें।

How to train Labrador dog Hindi

शुरुवाती दिनो मैं अक्सर यह समस्या लेब्राडोर डॉग्स मैं देखने को मिलती हैं जब भी आप उन्हें पट्टे से खोलते या केनाल से बाहर निकालते है तो यह अति उत्साहित होकर भागने लगते है और आपके उपर कूदने लगते हैं अनियंत्रित हो जाते है।

स्टेप 1

लेब्राडोर को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले आपको लेब्राडोर को बांधे गए स्थान से खोले या केनाल से उसे बाहर निकाले और यदि यह आपके उपर कूदता है या आपको पकड़ता है तो आपको भागना नहीं है आपको एक स्थान पर सीधे खड़े हो कर इसे डांटना है और बैठने का आदेश देना हैं।

स्टेप 2

जब आप लेब्राडोर को यह आदेश दे रहे हो तो आपको बिलकुल स्ट्रिक्ट रहना है और इसे बार बार बैठने का आदेश देना है और जैसे ही यह आपकी बात मान लेता है तो आपको इसे सबासी के रूप मै पुरस्कार देना है और यह कार्य आपको नियमित रूप से दोहराना हैं।

कुछ समय तक यह तरीका अपनाने के बाद आपका लेब्राडोर आपके नियंत्रण मैं आ जायेगा और आपकी बात मानने लगेगा।


8.लेब्राडोर को खाने का सही तरीका कैसे सिखाए।

अक्सर लेब्राडोर पालने वालों के साथ यह समस्या होती है की जब भी आप उन्हें भोजन देते है तो वह भोजन को देखते ही उछल कूद करने लगते ओर आपको परेशान करते है। 

कैसा हो अगर आपका लेब्राडोर सभ्य रूप से बिना आपको परेशान किए आपकी आज्ञा पर खाना खाए जिसके लिए आपको कुछ तरीके अपने की जरूरत है।

  • लेब्राडोर को खाना देने का स्थान निर्धारित करे। उसी स्थान पर रोज खाना दे।
  • जब आप खाना उसे खाना दे और वह आपके पास आकर उछल कूद करता है तो उसे डांटे।
  • जब तक वह सामान्य न हो उसे खाना न दे।
  • खाना नीचे रखने के बाद यदि वह खाने की कोशिश करता है तो उसे रुकने का आदेश दे अगर वह फिर भी नही मानता हैं तो खाना उससे दूर कर दे।
  • दूसरी बार फिर से खाना नीचे रखे यदि वह फिर से वही करता है तो आपको इसे डांटना है। ओर भोजन दूर कर देना है।
  • ऐसा बार बार करने पर वह समझ जाएगा और आपके आदेश पर ही खाना खायेगा और आपको परेशान भी नही करेगा।

9.लेब्राडोर को पॉटी करना केसे शिखाए।labrador potty training in hindi

पॉटी के लिए अपने लेब्राडोर को ट्रेनिंग देना बहुत जरूरी है क्योंकि यदि यह पॉटी के ट्रेन नही होगे तो घर के किसी भी स्थान को गंदा कर सकते हैं। तो कैसे लेब्राडोर को पॉटी के लिए ट्रेनिंग दे।

पॉटी के लिए ट्रेनिंग देने से पहले आपको अपने डॉग के डाइट प्लान पर ध्यान देना होगा क्योंकि छह महीने से छोटी उम्र के डॉग को दिन मैं तीन भोजन की जरुरत होती हैं। 

ओर यदि डॉग की उम्र छह महीने से अधिक है तो उसे दिन मैं दो बार भोजन की अवश्यकता होती हैं।

पॉटी ट्रेनिंग के लिए अपनाए यह तरीका।

स्टेप 1

आप जिस भी जगह आपने लेब्राडोर को पॉटी करवाना चाहते है वह स्थान चुन ले तथा सुबह जल्दी उसे उस स्थान पर लेकर जाए। ध्यान रहे की स्थान घर से ज्यादा दूरी पर न हो।

स्टेप 2

आपको स्टेप 1 की तरह ही रात के भोजन के बाद इसे उसी स्थान पर ले कर जाना है हो सकता हैं। शुरुवाती दिनो मैं लेब्राडोर वहां पॉटी न करे लेकिन कुछ दिनों बाद यह उस स्थान पर पॉटी करने का आदि हो जाएगा।

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